जाति के आधार पर नहीं बल्कि इन जरुरी आधारों पर मिलनी चाहिए मुफ्त शिक्षा की सुविधा

कल एक समाचार आया कि आई आई टी की फीस बड़ा दी गयी है एवं एस सी, एस टी, विकलांगों को एवं अन्य जातियों के १ लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार के छात्रों को आई आई टी में मुफ्त शिक्षा मिलेगी |

मेरी व्यक्तिगत राय में फीस माफ़ी की सुविधा जाति के आधार पर नहीं बल्कि नीचे दिए गए आधारों पर दी जानी चाहिए | हो सकता है कि मैं कुछ लोगों को इस सूची में जोड़ना भूल गया हूँ लेकिन कम से कम नीचे दिए गए आधारों पर तो ये सुविधा मिलनी ही चाहिए और यदि मैं कोई आवश्यक आधार भूल गया हूँ तो उस को भी इस सूची में शामिल किया जाना चाहिए |

१) एक सुनिश्चित सालाना आय व संपत्ति से कम आय/संपत्ति वाले सभी परिवारों की पहली २ (या ज्यादा से ज्यादा 3) संतानों को ये सुविधा मिलनी चाहिए | यहाँ मैं संतानो की गिनती की सीमा तय करने का पक्षधर हूँ क्योंकि गैर-जिम्मेदाराना तरीके से एक निश्चित गिनती से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों का बोझ इस देश की सरकार एवं बाकी जनता क्यों बर्दाश्त करे |

२) विकलांगों को भी ये सुविधा मिलनी चाहिए ताकि उनको जीवन में आगे बड़ने के लिए आवश्यक मदद एवं प्रोत्साहन मिल सके |

३) शहीद सैनिकों, पुलिस अधिकारियों एवं अन्य सभी शहीदों की संतानो को भी ये सुविधा मिलनी चाहिए ताकि इस देश के लिए अपनी जान दे देने वाले शहीद के बच्चे किसी आर्थिक समस्या की वजह से शिक्षा से वंचित न रह जाएं |

४) सभी अनाथ बच्चों को भी ये सुविधा मिलनी चाहिए ताकि इनको भी समाज में आगे बड़ने एवं अपना स्थान बनने का मौका मिले |

५) इंसान को मानसिक रूप से तोड़ कर रख देने वाले अत्याचार (जैसे कि बलात्कार, शारीरिक शोषण, एसिड अटैक आदि ) के शिकार लोगों को भी ये सुविधा मिलनी चाहिए ताकि इनको एक नयी ज़िन्दगी जीने की कोशिश की दिशा में आवश्यक मदद एवं प्रोत्साहन मिल सके | ऐसे अपराधों/अत्याचारों की सूची बनायीं जानी चाहिए एवं इन के शिकार लोगों को भी शिक्षा के क्षेत्र में ये सुविधा मिलनी चाहिए |

यहाँ मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ कि मैं इन लोगों को किसी तरह के आरक्षण की मांग नहीं कर रहा हूँ | बस मैं चाहता हूँ कि इन सभी लोगों को मुफ्त शिक्षा मिले |