वो परेशान इसलिए हैं कि जनता परेशान है या इसलिए कि जनता परेशान होकर भी मोदी जी के साथ है ?

कल मैंने एक फेसबुक पेज पर पोस्ट देखी जिसमें लिखा था कि “वो परेशान इसलिए नहीं हैं कि जनता परेशान है, परेशान वो इसलिए हैं कि जनता परेशान होकर भी मोदी जी के साथ है” | सोचा इस बारे में भी कुछ लिखू और आप सभी की राय भी लूँ |

पिछले कुछ दिनों से कई विपक्षी नेता, पार्टियां और कुछ न्यूज़ एजेंसियां तरह तरह के वीडियो दिखा रहीं हैं जिनमे इस तरह दिखाया जा रहा है जैसे कि इस समय सारी जनता मोदी जी इस फैसले से दुखी है और बहुत विरोध भी कर रही है | ज्यादातर विपक्षी पार्टियां इस समय नोटबंदी के इस फैसले से क्रोधित हैं और मोदी जी का विरोध कर रही हैं | आये दिन कुछ न कुछ नया लाकर पेश किया जाता है जिस से किसी तरह अपने समर्थकों को यह सन्देश दिया जा सके कि नोटबंदी का फैसला गलत है |

मैं अब यहाँ किसी राजनैतिक दल के सदस्य या समर्थकों की नहीं बल्कि आम जनता की बात करूँगा | होता यह है कि आम तौर पर पार्टियों के कई समर्थक और सदस्य कई बार उस पार्टी की हर सही गलत बात का समर्थन कर देते हैं तो इस बात से ज्यादा कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये लोग क्या कह रहे हैं | महत्वपूर्ण यह है कि आम जनता क्या कह रही है और सच यही है कि जनता खुश है और मोदी जी के इस फैसले के साथ है | यह सच है कि शुरुआती दिनों में जनता लंबी लंबी लाइनों से परेशान है लेकिन यह भी मानती है कि काले धन से आजादी के लिए कुछ तो परेशानी उठानी ही होगी | देश को आजादी क्या आराम से सुख के साथ घर पर बैठे के नहीं मिल गयी थी | देश की ज्यादातर आम जनता काले धन और आतंकवाद की समाप्ति के लिए शुरू किये गए इस बड़े अभियान से खुश है और सारी परेशानियां उठाने के लिए तैयार है | मैंने जितने लोगों से बात कि उनमे से लगभग सभी ही इस फैसले से खुश हैं और इसका समर्थन कर रहे हैं | कई गैर-राजनैतिक लोग इस फैसले के समर्थन में व्यक्तिगत तौर पर अपने विचारों की विडियो बनाकर या लिखकर सोशल साइट्स पर शेयर कर रहे हैं |

अब यहाँ मुद्दा यह है कि जब ज्यादातर आम जनता मोदी जी के फैसले से खुश है तो विपक्षी किस जनता की बात करके हल्ला मचाये हुए हैं ? काले धन का संग्रह करने वालों में सबसे ज्यादा गिनती नेताओं, सरकारी अधिकारियों और बड़े व्यवसाइयों की ही है और इन सब का इस फैसले से परेशान और गुस्सा होना समझ में आता ही है | अब कंगाली में आटा गीला यह कि एक तरफ तो सरकार के इस फैसले से इनके काले धन के खजाने लुट गए और वहीँ आम जनता के बीच मोदी जी की छवि और अच्छी बन गयी और इस छवि का आने वाले चुनावों में मोदी जी एवं भाजपा को जरूर लाभ मिलेगा | धुआं वहीँ होता है जहाँ आग होती है और इस समय विपक्षी खेमों में आग लगी हुई है | आम जनता की समस्यायों से न तो इनको कभी मतलब था न आज है | उदाहरण के लिए – जिस कांग्रेस को लगता था कि दिन के ३० रुपये एक परिवार का खर्च चलाने के लिए काफी हैं वो आज इस बात पर चर्चा करते हुए अच्छी नहीं लगती कि सिर्फ ४५०० रुपये में जनता घर कैसे चलाएगी |

खैर, कोई कुछ भी कहे लेकिन मोदी जी ने काले धन का संग्रह करने वालों को बहुत बड़ी चोट दी है और भारत की आम जनता को बहुत बड़ी खुशखबरी | इस नोटबंदी के आने वाले समय में बहुत ही अच्छे सुखद परिणाम आएंगे और जनता के अच्छे दिन आएंगे तो आने वाले चुनावों में भाजपा के भी अच्छे दिन जरूर आएंगे |