शरद यादव के अनुसार कांवर यात्रा बेरोजगार करते हैं | सेकुलरिज्म के बादशाह बनने की कोशिश?

जी न्यूज़ की एक खबर के अनुसार जे डी यू नेता शरद यादव ने कांवर यात्रा पर बहुत ही निंदनीय बयान देते हुए कहा की कांवर यात्रा वो लोग करते हैं जो की बेरोजगार हैं |

इस देश में सेक्युलर उसी को कहा जाता है जो कि हिन्दू धर्म को गाली दे, हिन्दू धर्म की मान्यताओं को गाली दे, हिन्दू साधु संतों को गाली दे, हिन्दू त्योहारों का विरोध करे और हिन्दू धर्म के आराध्य देवी देवताओं का अपमान करे | इस लॉजिक से शरद यादव ने सेकुलरिज्म की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठा लिया है | यदि वो इसी तरह के बयान देते देते रहे तो जल्दी ही शायद सेकुलरिज्म की दुनिया के बादशाह बन जाएं |

शर्म आती हैं उन हिंदुओं पर जिन्होंने जे डी यू, आर जे डी और कांग्रेस को सिर्फ जाति के नाम पर वोट दिया | इन लोगों के अगड़ा बनाम पिछड़ा के नारे में भावनाओं में बहकर बिहार का हिन्दू वोट बँट गया और ये लोग सत्ता में आ गए | और आये भी तो इतनी ज्यादा सीट के साथ के अब ये सरकार पूरे ५ साल चलेगी |

हिन्दू धर्म को कई विदेशी आक्रमणकारियों ने फूट डालो राज करो की रणनीति पर चलकर गुलाम बनाया और आज़ादी के बाद से ही सेकुलरिज्म का पाठ पढने वाले तथाकथित सेक्युलर नेताओं ने भी यही किया | दुःख होता है यह देखकर कि कई हिंदुओं को आज भी अपने पूर्वजों द्वारा की गयी इस गलती का अहसास नहीं है और वो आज भी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं |