हाथ सभी धर्मों में है…..परंतु कौन सा ?

अभी कुछ दिन पहले उत्तराखंड में राहुल गाँधी जी ने भाषण में कहा कि कांग्रेस का हाथ सभी धर्मों में है | यदि कांग्रेस का हाथ सभी धर्मों में है तो फिर केंद्र में बैठी तत्कालीन मनमोहन सिंह की सरकार की ओर से मा. सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर क्यों कहा कि रामायण के सारे पात्र काल्पनिक हैं और राम सेतु को भी काल्पनिक बतलाया | अयोध्या के रामजन्म भूमि मंदिर को हाई कोर्ट के निर्णय के बाद भी मंदिर स्वीकार करने में संकोच क्यों ? कांग्रेस एक ओर अपने आप को धर्मनिरपेक्ष कहती है परंतु दूसरी ओर राम जन्म भूमि एवं बाबरी ढांचे को कोर्ट में हमेशा विवादित ढांचा कहा और कांग्रेस उसे बाबरी मस्जिद कहकर अपने आपको मुस्लिम संप्रदाय का सच्चा साथी घोषित करने में लगी रही | अपने आपको सेक्युलर कहने वाले सभी दल भी उसे बाबरी मस्जिद कहते हैं फिर भी सेक्युलर हैं | मीडिया भी बाबरी मस्जिद कहकर सेक्युलर है | यहाँ तक कि बाबरी ढांचे के पक्ष में मुकद्दमा लड़ने वाले और वहाँ फिर से मस्जिद बनाने की मांग करने वाले भी अपने आपको सेक्युलर कहते हैं और उन्हें कांग्रेस सेक्युलर होने का प्रमाण पत्र देती है | राहुल गाँधी बतलायें कि कांग्रेस का हाथ किस प्रकार से हिन्दू धर्म के साथ है |

कांग्रेस का हाथ सबके साथ का विश्लेषण करें तो बड़ी बड़ी बातें सामने आती हैं | कहीं पर कोई चोरी, डकैती, हत्या, अवैध कारोबार की घटनाएं होती हैं तो तलाश होती हैं कि इसमें किसका हाथ है | अभी अभी कानपुर के ट्रैन हादसे में पुलिस को साक्ष्य मिला कि इसमें आई. एस. आई. का हाथ है | सन १९४७ के पहले के इतिहास में झांके तो पता चलता है कि भारत में क्रांतिकारियों की धार को कुंड करने व विद्रोह की हवा निकालने के लिए सर ऐ. ओ. हयूम ने कांग्रेस की स्थापना की जिसमें तमाम भारतियों को जोड़ा | बाद में महात्मा गाँधी को दक्षिण अफ्रीका से भारत बुलाया गया | उन्होंने भारतियों का दिल जीतने के लिए कोट पैंट त्यागकर धोती पहनना शुरू कर दिया | अहिंसात्मक आंदोलन – धरना प्रदर्शन, यात्रा, भूख हड़ताल इत्यादि तरीके अपनाये जो आज लोकतंत्र के आधार बन गए | प्रथम विश्व युद्ध के समय मय गाँधी के पूरी कांग्रेस भारतीय सेना को मनाने में जुट गयी कि इस युद्ध में अंग्रेजों की ओर से लड़ोगे तो युद्ध के बाद आजादी मिल जाएगी | डेढ़ लाख से अधिक भारतीय सैनिक शहीद हुए, अंग्रेज जीते परंतु आजादी नहीं मिली | इसमें कांग्रेस का ही हाथ था | दुसरे विश्वयुद्ध में भी यही कहानी दुहरायी गयी | सन १९४७ में नेहरू जी प्रधानमंत्री व कांग्रेस की सरकार बने इसके लिए देश का विभाजन भी करा डाला | आधा कश्मीर पाकिस्तान के कब्जे में चला गया इसमें भी नेहरू जी का ही हाथ पाया गया | परिवारवाद, व्यक्तिवाद की राजनीति में इंदिरा जी का ही हाथ था | कुर्सी बचाने के लिए सन १९७५ में इमरजेंसी लगाकर विरोधियों को जेल में डालने में हाथ क्या पूरी कांग्रेस थी | इसी प्रकार पंजाब से अकाली दल को समाप्त करने के लिए भिंडरवाला को पैदा करने व आतंक फैलाने में भी कांग्रेस का हाथ था | फिर सन १९८४ में दंगे कराने, सिखों को मारने, लूटने, गुरूद्वारे तोड़ने में भी कांग्रेस का हाथ था | शुरू से लेकर अभी तक सांप्रदायिक दंगों में कांग्रेस की रणनीति का हाथ साफ साफ रहा | भ्रष्टाचार और घोटालों का रिकॉर्ड बनाने में कांग्रेस का हाथ सभी को पता है | गरीब को गरीब रखना, उनको वोटबैंक बनाना, मुस्लिमों और दलितों को वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करने में कांग्रेस का हाथ सदैव प्रभावी रहा | कॉर्पोरेट जगत से मिलकर महंगाई बढ़ाना और देश को लूटने में कांग्रेस का हाथ सभी ने देखा | आम आदमी पार्टी पैदा करना फिर दिल्ली में अपना वोट उसे ट्रांसफर करके ६७ सीटें दिलवाने में कांग्रेस का हाथ साफ साफ नजर आया | अब पंजाब में दिल्ली का मास्टर प्लान केजरीवाल से मिलकर लागू करने की योजना भी साफ नजर आती है | बिहार में जंगलराज वापिस लाने में कांग्रेस का हाथ और अब उ. प्र. में सपा का गुंडाराज वापिस लाने की तैयारी में कांग्रेस का हाथ सक्रिय हो गया | और देखो कांग्रेस का हाथ और कहाँ कहाँ है |