भारत में छुपे देशद्रोहियों का विरोध ट्विटर को बर्दाश्त नहीं

सोशल साइट्स का जमाना है | फेसबुक और ट्विटर अकाउंट होना आम जनजीवन का अतिआवश्यक हिस्सा सा हो गया है | मैं सोशल साइट्स के खिलाफ नहीं हूँ | कई जानकारियां जो कि किसी जमाने में हम तक नहीं पहुँच पातीं थीं वो आज सोशल साइट्स की वजह से पहुँचने लगीं हैं | लेकिन सोशल साइट्स के मालिक लोग व्यापारी ही हैं और इंसान भी और कहीं न कहीं इन साइट्स को निष्पक्ष न रखकर अपनी सोच को आगे बढ़ाने का माध्यम सा बनाते जा रहे हैं | मैंने खुद ऐसे कई पेज रिपोर्ट किये जो आये दिन झूठी बातों के जरिये भारत और हिन्दू धर्म के खिलाफ माहौल बना रहे हैं परन्तु उनको कभी बैन नहीं किया गया परन्तु जब भी कोई भारतीय राष्ट्रवाद की भावना से किसी भारत विरोधी ताकत का विरोध कर दे तो उसे तुरंत बैन कर दिया जाता है | नया उदहारण परेश रावल जी का है | अरुंधति रॉय और इसके जैसे कई और लोगों को भारत विरोधी एजेंडा चलाने की पूरी आजादी है परन्तु जब परेश रावल जी के इनके खिलाफ लिखा तो उनकी आई डी को ससपेंड कर दिया गया | ट्विटर इंडिया के हैड राहील खुर्शीद किस सोच का व्यक्ति है यह सभी को पता है और इसके हैड बनने के बाद से किस तरह आये दिन राष्ट्रवादी आई डी को ट्विटर पर आये दिन बेन किया जाता है यह भी लोगों को पता ही है | राहील खुर्शीद जैसे लोगों से मुझे भारत के प्रति प्रेम की कोई उम्मीद है ही नहीं इसलिए परेश रावल जी की आई डी ससपेंड होने की खबर मुझे कोई चौंकाने वाली नहीं लगी | ऐसे लोग हमेशा से राष्ट्रवादी ताकतों का विरोध करते आये हैं और आगे भी करते रहेंगे |

परेश रावल जी ने इस मुद्दे पर अपना लिखित सन्देश जारी किया है | नीचे दी गयी फोटो में आप उनका सन्देश पढ़ सकते हैं |

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अब सवाल यह है कि राष्ट्रवादी जनता क्या करे | सरकार को कुछ मर्यादाओं का पालन करना होता है अतः आप सरकार से ट्विटर पर बेन लगाने की उम्मीद नहीं कर सकते | परन्तु जनता यदि चाहे तो ऐसी शक्तियों को करारा जवाब दे सकती है | अभियान चलाइये | उदाहरण के लिए – जनता यदि चाहे तो विरोध में अपनी ट्विटर आई डी ससपेंड कर दे और साथ ही ट्विटर एप्प को १ रेटिंग दे | इस से ट्विटर के मालिकों को एक सन्देश जायेगा | यदि बहुत तेजी के साथ भारत में ट्विटर की लोकप्रियता घटी तो हो सकता है वो राहील खुर्शीद जैसे लोगों को बाहर निकाल दें | परेश रावल जी के साथ जो हुआ उसका विरोध करना है या नहीं वो आपकी सोच और स्वतंत्रता है | लेकिन देशविरोधी ताकतों का यदि समय से विरोध नहीं किया गया तो आने वाले समय में ये लोग और भी बड़ी समस्या बन जायेंगे |