ये छाती ५६ इंच की है या ६६ इंच की ?

सितंबर २९ तारीख को सुबह सुबह पूरे भारत को जोश और खुशी से भर देने वाली खबर मिली कि हमारे जांबाज जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकी ढेर कर दिए | यह खबर आते ही सभी जगह हर्षोल्लाष का माहौल बन गया | कई लोगों ने सोशल वेबसाइट्स पर मैसेज करके तो कइयों ने खुले में आकर पटाखे चलकर खुशी का इजहार किया और साथ ही ५६ इंच की छाती का जिक्र किया | मैंने यहाँ तारीख साफ़ साफ़ इसलिए लिखी क्योंकि यह हमला आने वाले कई बड़े शुभ समाचारों की शुरुआत भर है और इतिहास में इसका एक महत्वपूर्ण स्थान रहेगा |

पाकिस्तान उरी हमले के बाद से ही इसी सोच में था कि यह मनमोहन सिंह की सरकार जैसी ही है जहाँ आतंकी घटनाओं के बाद सिर्फ कड़ी निंदा सुनने को मिलेगी | लेकिन इस आतंकी घटना के होने के बाद से ही मोदी सरकार ने हर एक मोर्चे पर पाकिस्तान की घेराबंदी शुरू कर दी और कुछ ही समय में पाकिस्तान को समझ आने लगा कि इस बार उस से बड़ी गलती हो गयी | खिसिया कर नवाज शरीफ ने सेना के आदेश पर कुछ ऐसी हरकतें भी कीं जिनकी उनके अपने देश में ही खिंचाई हुई | वहीँ दूसरी ओर चाहे बयानबाजी हो या एक्शन मोदी सरकार हर एक क्षेत्र में अव्वल नंबर पर रही |

सब से बड़ी बात इस पूरे मामले की यह थी कि कई मोदी समर्थक भी मोदी जी के विरोध में लिखने लगे थे | ५६ इंच का सीना कहाँ है यह भी पूँछ रहे थे | मोदी विरोधियों को तो खैर यह सब पूछना ही था और उन्होंने पूछा भी | समझ ही नहीं आ रहा था कि देश की जनता को ऐसा क्यों लग रहा है कि इस हमले का जवाब सिर्फ एक या दो दिन में ही दिया जाना चाहिए और इस जवाब के लिए किसी भी तरह की कोई प्लानिंग की जरुरत नहीं है, सब कुछ पहले से तैयार ही होगा | जनता का इस मामले में क्रोधित होना उचित था लेकिन सरकार एवं सेना से हड़बड़ी में किसी एक्शन की उम्मीद करना गलत था | हमने इस बारे में आर्टिकल भी लिखे थे कि जिस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है उसे देखकर साफ़ लग रहा है कि किसी बड़े एक्शन की तैयारी चल रही है |

खैर जो कुछ भी हुआ लेकिन खुशी की बात यह है कि पाकिस्तान को करारा जवाब दिया गया | इस तरह के जवाब की मोदी जी से पूरी उम्मीद थी | जो लोग यह कह रहे हैं कि उरी हमले का बदला ले लिया गया है उनको मैं बोलना चाहता हूँ कि मोदी सरकार बस यहीं नहीं रुक जायेगी | अभी तो कई बड़ी खबरें आने वालीं हैं और पाकिस्तान को और भी कई गहरी चोटें लगने वालीं हैं | साथ ही पाकिस्तान की बर्बादी की हर एक ऐसी भविष्य की खबर के साथ जनता यही सोचेगी कि यह छाती ५६ इंच की है या ६६ इंच की |