शायद राहुल गांधी पहले नेता हैं जिन्हें विरोधी पार्टियां भी कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहती हैं

इस विरोधी पार्टी के नेता का कद उसकी पार्टी में छोटा हो जाये, उस विरोधी पार्टी के नेता का कद उसकी पार्टी में छोटा हो जाये, ऐसी बददुआ देने वाले हर नेता के विरोधी मिल जायेंगे | लेकिन राहुल गांधी दुनिया के इकलौते ऐसे नेता हैं जिनका कद कांग्रेस में छोटा हो जाये ऐसा उनकी विरोधी पार्टी के नेता भी नहीं चाहते |

राहुल गांधी को उनके समर्थक अपनी गांधी-नेहरू परिवार के प्रति भक्ति की वजह से अध्यक्ष बनना चाहते हैं यह बात सभी जानते हैं | लेकिन कांग्रेस पार्टी के विरोधी भी उनको कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं | कांग्रेस के विरोधी गांधी-नेहरू पारिवार के भक्त नहीं हैं और उनके राहुल गांधी को अध्यक्ष बनते देखने के सपने के कारण दिलचस्प हैं |

कई कांग्रेस विरोधी मानते हैं कि राहुल गांधी जितनी ज्यादा चुनावी रैली करते हैं उतना ही ज्यादा वो जनता को सन्देश देते हैं कि कांग्रेस को वोट मत दो | वजह है उनके द्वारा उठाये गए बेकार मुद्दे और जो थोड़े बहुत गम्भीर मुद्दे होते भी हैं उनको वो अपनी बचकानी हरकतों से मजाक बना देते हैं | राहुल गांधी की चुनावी रैलियों का फायदा कांग्रेस से ज्यादा उसके विरोधियों को होता है |

मुझे भी काफी हद तक यही लगता है | आप यदि यूट्यूब पर सर्च करेंगे तो आपको कई ऐसे वीडियो मिलेंगे जिनमें अपनी बचकानी हरकतों की वजह से राहुल गांधी हंसी का पात्र बने और उनका भाषण हास्यास्पद रहा | इतने साल से वह कांग्रेस के डिसीजन मेकर कहे जाते हैं लेकिन आजतक उनका ऐसा एक भी कोई निर्णय नहीं सुना जिसकी वजह से जनता का, देश का या फिर कांग्रेस का कुछ भला हुआ हो | उनकी छवि एक गम्भीर नेता की जगह कुछ ऐसी बन चुकी है कि उनको जाने किस किस मजाकिया नाम से पुकारा जाने लगा है |

अब सोचिये यदि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए तो क्या वो अपने विरोधी यानि के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का कोई मुकाबला कर पाएंगे ? या अगर वो २०१९ में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन गए तो क्या वो नरेंद्र मोदी जी का मुकाबला कर पाएंगे ? यह बात अगर आप किसी कांग्रेसी नेता से भी अकेले में पूछेंगे तो उसका जवाब “नहीं” ही होगा |

बेहतर होगा कि कांग्रेस या तो अपने नेतृत्व में बदलाव लाये और किसी योग्य व्यक्ति को अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए | राहुल गांधी को ये दोनों जिम्मेदारी देकर वो अपनी विरोधी पार्टियों का सपना ही पूरा करेंगे |