उ.प्र. सरकार ने केंद्र की मदद ठुकराई – इनके मोदी विरोध के लिए बुंदेलखंड प्यास से क्यों मरे ?

जिस तरह केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के लातूर में ट्रेन के जरिये पानी भिजवाया और वहां की जनता पर छाया पानी का संकट दूर किया, ठीक उसी तरीके से केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के सूखा प्रभावित क्षेत्र बुलदेलखण्ड में भी पानी भेजना चाह रही थी | लेकिन उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने ये पानी लेने से यह कहकर मना कर दिया कि बुंदेलखंड की स्थिति लातूर जैसी नहीं है और फ़िलहाल प्रदेश सरकार को केंद्र की ये मदद नहीं चाहिए |

ए सी ऑफिस में बैठकर ठंडा पानी पीने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्य्मंत्री जी से मैं यही कहूंगा कि बुंदेलखंड का जो ज्यादातर क्षेत्र इस समय पानी के लिए तरस रहा है उस के लिए आपने अब तक क्या किया ? इस सूखे की स्थिति में बुंदेलखंड के लोगों को मदद पहुँचाने का आपको ऐसा क्या उपाय मिल गया है जो कि आपने केंद्र सरकार की इस मदद को बुंदेलखंड की जनता तक नहीं पहुँचने दिया ?

मैं खुद भी बुंदेलखंड से हूँ और वहां सूखे की वजह से क्या हालत है ये मैं अच्छे से जनता हूँ | इस समय बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्रों की जनता के लिए केंद्र सरकार की ये मदद किसी जीवन रक्षक वरदान से काम नहीं थी | क्या कारण थे इस मदद को लेने से मना करने के ? यदि उत्तर प्रदेश सरकार गम्भीरता से इस सूखे की स्थिति में जनता की मदद के लिए कोई सही कदम उठा भी रही है तो भी ऐसी क्या समस्या हो जाती यदि जनता को उनकी इस मदद के अलावा केंद्र सरकार द्वारा यह अतिरिक्त मदद भी मिल जाती ? खैर इन सवालों के जवाब उत्तर प्रदेश की जनता को कभी नहीं मिलेंगे |

अभी कुछ दिन पहले की ही बात है जब खबर आई थी कि उत्तर प्रदेश के ऐसे की क्षेत्र में एक गरीब व्यक्ति, जो कि अपने परिवार का एक मात्र सहारा था, उस समय रास्ते में भूख की वजह से मर गया जब वह अपने परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए घर से निकला था | सपा सरकार उस के जिन्दा रहते तो उस के परिवार तक खाना पहुंचा नहीं पायी लेकिन उस के मरने के बाद जब सभी तरफ इनकी निंदा हुई तब जाकर उस व्यक्ति के घर खाना पहुँचाया गया |

एक और खबर आई कि बुंदेलखंड के एक गाँव में लोग गड्ढे खोदकर उसमें से निकला बहुत ही ज्यादा गन्दा पानी पीने के लिए मजबूर हैं | ये ख़बरें इस बात का सबूत हैं कि किस तरह बुंदेलखंड की जनता सूखे की मार से बुरी तरह परेशान है और उसे मदद कि आवष्यकता है और साथ ही यह भी पता चलता है कि राज्य सरकार की ओर से जनता को आवश्यक मदद नहीं मिल रही है |

उम्मीद करता हूँ कि बुंदेलखंड की जनता अगले विधानसभा चुनाव में इस मामले को दिमाग में रखकर वोट देगी ताकि आगे फिर कभी कोई अपनी राजनीतिक चालों के लिए जनता की भलाई के कामों में रोक नहीं लगा पाए |

अब इस स्थिति में बस भगवान से यही प्रार्थना कर सकता हूँ कि इन सभी सूखा प्रभावित क्षेत्रों पर अपनी कृपादृष्टि दिखाएँ और इन का कल्याण करें | केंद्र सरकार की मदद लेने से प्रदेश सरकार ने मना कर दिया और प्रदेश सरकार की मदद व्यक्ति के मरने के बाद पहुँचती है, अब ऐसे में बुंदेलखंड का भगवान् ही एक मात्र सहारा हैं |