आखिर कब तक हिन्दू बनता रहेगा राजनैतिक षड्यंत्रों का शिकार ?

एक वीडियो देखा जिसमें भीम आर्मी के लोग जय भीम का नारा लगाते हुए भगवान श्री हनुमान जी की फोटो पर थूक रहे थे और जूता मार रहे थे | मीडिया द्वारा किये गए खुलासों से अब यह साफ़ है कि भीम आर्मी दलितों के हकों के लिए लड़ने वाला कोई सामाजिक क्रन्तिकारी संगठन नहीं है बल्कि राजनैतिक षड्यंत्रों से जन्मा एक कलंक मात्र है | कुछ मीडिया एजेंसियों ने दावा किया कि भीम आर्मी को फंडिंग अवैध खनन का आरोपी हाजी इक़बाल और बसपा कर रही है | बसपा के दिल में छुपी हिन्दू धर्म के प्रति नफरत जगजाहिर है और यह हाजी इक़बाल उस मुगल साम्राज्य का प्रतिनिधत्व करता है जिसने पहले तो दलितों को लूटकर जबरन उनसे मल और कचरा उठवाने के काम करवाए और फिर हिन्दू धर्म में छुपे अपने चापलूस नीच तथाकथित इतिहासकारों के द्वारा ऐसे माहौल बनवाया जिस से कि दलितों को घृणित और नीच समझा जाए तथा साथ ही ऐसा झूठा इतिहास लिखवाया जिस में कहा गया कि दलितों को हमेशा से ही हिन्दू धर्म में घृणित और नीच समझा जाता था ताकि हिन्दुओं को जातियों में तोड़ दिया जाए और इस फूट का फायदा उठाकर उन पर आसानी के साथ राज किया जा सके | जबकि सत्य यही है कि हिन्दू धर्म में कभी भी कोई ऊंच नीच नहीं थी, यदि होती तो रामायण, महाभारत या किसी न किसी ग्रन्थ में तो इसका जिक्र होता | यह सब सिर्फ हिन्दू धर्म को तोड़कर, हिन्दुओं को आपस में लड़वाकर फूट डालकर उन पर राज करने की नियत से किया गया था, यह पहले मुगलों ने किया और फिर अंग्रेजों ने और फिर आजादी के बाद कई राजनैतिक दलों के नेताओं ने |

२०१४ के चुनावों में हिन्दू धर्म में वर्षों के बाद एकता दिखाई दी | बहुमत में हिन्दुओं ने एक होकर मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री चुना | इस के बाद के कई विधानसभा चुनावों में भी हिंदुओं ने बहुमत में मोदी जी को ही अपनी पहली पसंद रखा और जिताया | बस सारा झगड़ा यहीं से शुरू हुआ | विपक्षियों को हिन्दू धर्म का एक होना खलने लगा क्योंकि हिन्दुओं के एक हो जाने से इन सब की राजनैतिक दुकानें बंद होने लगीं थीं | इसीलिए एक के बाद एक जातीय झगड़े भड़काए गए | कभी आरक्षण के नाम पर तो कभी किसी और बात को मुद्दा बनाकर हिन्दुओं को आपस में लड़ाने के षड़यंत्र किये गए और बिकाऊ मीडिआ की मदद से इनको और ज्यादा भड़काया गया | यह सब खास तौर पर उन सभी राज्यों में किया गया जहाँ जहाँ भाजपा बढ़त बना रही थी | दुखद है कि लम्बे समय तक आजाद भारत में भी हिन्दुओं को सिर्फ तोड़ने की राजनीति का शिकार बनाया गया | यदि किसी ने हिन्दुओं को जोड़ने की कोशिश की या फिर हिन्दूहित की बात की तो उसे तुरंत सांप्रदायिक कह दिया गया | कई पढ़े लिखे मूर्ख हिन्दू भी इन सब षड्यंत्रों को नहीं समझ पाते हैं और राजनैतिक चालों का शिकार होकर आपस में ही एक दूसरे से नफरत करने लगते हैं |

हिन्दुओं से मैं यही कहूंगा कि साथियो हमें आपस में लड़वाकर फूट डालकर हम पर कई सौ सालों तक राज किया गया | आजादी के पहले विदेशियों ने ऐसा किया और आजादी के बाद हिन्दूविरोधी नेताओं ने | सत्य यही है कि हिन्दू धर्म १९४७ में भी आजाद नहीं हुआ था बल्कि हम गुलाम ही थे, बस अंतर इतना आया था कि विदेशी ताकतों की जगह हम स्वदेशी ताकतों के गुलाम बन गए थे | यदि हम अब भी ऐसे ही षड्यंत्रों का शिकार बनते रहे तो यह गुलामी कभी खत्म नहीं होगी | हिन्दुओं की एकता ही है इन सभी षड्यंत्रकारियों को मुंहतोड़ जवाब | आपस में प्रेम से रहे एकता के साथ रहें, ईश्वर पर और सनातन धर्म पर विश्वाश और आस्था बनाये रखें |

भगवान श्री हनुमान जी सिर्फ किसी जाति विशेष के नहीं बल्कि समस्त श्रष्टि के आराध्य एवं रक्षक हैं | उनका अपमान समस्त श्रष्टि का अपमान है | भगवान श्री हनुमान जी की फोटो का इस तरह का अनादर देखकर मेरा सर शर्म और दुःख से झुक गया और यह दुःख और शर्म कई गुना यह देखकर बढ़ गया कि अपमान करने वाले कई हिन्दू भी थे | हिन्दुओं के बीच राजनैतिक षड्यंत्रकारियों द्वारा भड़कायी गयी इस आपस की लड़ाई में हिन्दू धर्म के आराध्यों के अपमान से किसको क्या हासिल होगा ? शर्म की बात है कि हिन्दू बाहुल्य देश में आज भी भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर विवाद है और गौ माता आज भी न्याय के लिए तरस रहीं हैं | हिन्दू साथियो अपनी आँखें खोलो, अपनी बुद्धि का उपयोग करो | जो भी हमें आपस में लड़वाने की कोशिश करे, हमें किसी षड़यंत्र का शिकार बनाने की कोशिश करे, उसे अपनी एकता के साथ मुंहतोड़ जवाब दीजिये | ऐसी सारी नकारात्मक शक्तियों से दूर रहिये और उनकी साजिशों का शिकार मत बनिए | जो भी राजनैतिक दल हमें तोड़ने की कोशिश करे उसे चुनाव में हराकर मुंहतोड़ जवाब दीजिये | याद रखिये, इन षड्यंत्रकारियों की ताकत जितनी कम होगी उतनी ही ज्यादा हिन्दुओं की ताकत बढ़ेगी | हिन्दू घटा देश बंटा | हिन्दू एकता ही अखंड भारत की नींव हैं |