राजनैतिक षड्यंत्रों के बीच गौ माता की कौन सुने ?

बड़ा हल्ला मचा हुआ है, दादरी कांड एक बार फिर ज़िंदा हुआ, तथाकथित सेक्युलर फिर चालू हो गए कि गौ मांस था तो क्या हो गया और इस से क्या फर्क पड़ता है कि वो क्या खा रहा था क्या नहीं – मारा क्यों उसे, गौ हत्या विरोधियों ने मांग की कि अब तक जो भी लोग अखलाख के घर से मिले मांस को गौ मांस की जगह और कुछ बता रहे थे वो सभी अब माफ़ी मांगें |

ढोंगी सेक्युलर नेताओं और मीडिया ने अब तक गौ हत्या को एवं गौ मांस खाने को जो सही बताया उसको सुनकर कभी दुःख नहीं हुआ क्योंकि उनकी सोच के बारे में सभी को पता है कि वो हैं ही हिन्दू विरोधी और हिन्दू धर्म का विरोध करना उनका शौक और आदत भी है | दुःख तब हुआ जब कुछ पढ़े लिखे हिन्दू सिर्फ अपने पसंदीदा नेताओं को सच्चा और सही साबित करने एवं मोदी जी का विरोध करने के लिए यह बोलने लगे कि गौ मांस खाना गलत नहीं है और दुःख यह देखकर भी हुआ कि आज भी ऐसे मुसलमान हैं जो कि अपने खाने के एक शौक के लिए हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करना गलत नहीं मानते |

गौ रक्षा आन्दोलनों से कई मुसलमान भी जुड़े हुए हैं और वो गौ हत्या का उतना ही विरोध करते हैं जितना कि कोई भी सच्चा हिन्दू करता है | आपको ऐसे कई मुसलमानों द्वारा गौ हत्या के विरोध में किये गए आन्दोलनों एवं भाषणों की कई वीडियो यू ट्यूब पर मिल जाएँगी | इसीलिए सारे मुसलमानों को भी गलत कहना सही नहीं होगा |

गौ हत्या के समर्थन एवं विरोध की बहस में समस्या वहाँ से चालू होती है जहाँ से लोग इन तथाकथित सेक्युलर नेताओं एवं पत्रकारों की बातें सुनने और मानने लगते हैं | एक अहम, एक हठ सा आ जाता है कि चूँकि गौ हत्या का विरोध ज्यादातर भाजपा एवं भाजपा समर्थक संगठन करते हैं इसीलिए हमें गौ हत्या का समर्थन करना है | ऐसे लोगों को गौ हत्या का विरोध करने वाले मुसलमान नहीं दिखाई देते बस भगवा ओढ़े कुछ हिन्दू संगठन दिखाई देते हैं | गौ माता ऐसे लोगों के लिए बस एक राजनैतिक मुद्दा हैं | क्या हिन्दू क्या मुसलमान सब भाजपा विरोधी शामिल हो गए इस दौड़ में कि कौन पहले गौ हत्या का समर्थन करेगा | बस यही सोच – सच्चे हिन्दुओं की भावनाएं आहत होती हैं तो होती रहे हमें क्या, जो मुसलमान गौ हत्या का विरोध करते हैं उनको हम क्यों सुनें, हम तो बस उन्ही मुसलमानों की बात सुनाई देती है जो गौ हत्या का समर्थन करते हैं, हमें तो बस हर उस बात का विरोध करना है जो भाजपा समर्थक संगठनों ने उठाई और हर उस बात का समर्थन करना है जो कि भाजपा / मोदी विरोधी गुटों ने उठाई, न हमें गाय से कोई मतलब है न हिन्दू से न मुसलमान से हमें तो बस राजनीति करनी है |

देखते हैं गौ माता की रक्षा की यह लड़ाई कहाँ तक जाती है | मैं सभी गौ हत्या समर्थकों से यही कहूंगा कि सुधर जाओ और इन नेताओं और मीडिया के लोगों की बातों में आकर बिना मतलब के गौ हत्या का समर्थन बंद करो | गौ मांस नहीं खाओगे तो मर नहीं जाओगे | अपनी राजनीति से गौ माता को दूर रखो |