पेयजल संकट – समाधान में मदद की जगह शिवसेना कर रही है दोषारोपण की राजनीति

जिस तरह केजरीवाल जी दिल्ली में हर अच्छे काम का श्रेय आम आदमी पार्टी की सरकार को एवं हर गलत काम का दोष केंद्र सरकार को दे देते हैं ठीक उसी तरह शिवसेना भी काम कर रही है | महाराष्ट्र में भाजपा एवं शिवसेना दोनों की मिलकर बनायीं हुई सरकार है | महाराष्ट्र में सूखे की समस्या को सुलझाने की जिम्मेदारी जितनी भाजपा की है उतनी ही शिवसेना की भी है | महाराष्ट्र सरकार द्वारा किये जा रहे अच्छे कामों को एन डी ये का अच्छा काम एवं हर समस्या को भाजपा की नाकामी बोल देने से शिवसेना की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है | यदि महाराष्ट्र में हर एक काम के लिए सिर्फ भाजपा ही जिम्मेदार है तो फिर इस तरीके से अब तक महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार ने जितने भी अच्छे काम किये उस के श्रेय में भी शिवसेना की कोई भागीदारी नहीं होनी चाहिए |

समस्या को सुलझाने की जगह बस किसी दूसरे पर दोषारोपण कर देने से वह समस्या सुलझ नहीं जाएगी | मैं शिवसेना से यही कहूंगा कि अपनी गैर-जिम्मेदाराना राजनीति बंद करें एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जी एवं अन्य मंत्रियों, विधायकों एवं सांसदों के साथ मिलकर सूखे की मार झेल रही जनता की समस्याओं को सुलझाने के प्रयास करें | जनता ने आपको सत्ता इस तरह का दोषारोपण कर के खुद को निर्दोष साबित करने के लिए नहीं बल्कि जनहित के काम करने के लिए दी है और यह सत्य यदि आप नहीं समझेंगे तो कोई बड़ी बात नहीं कि जिस जनता ने एन डी ये की महाराष्ट्र की एक समय की मुख्य पार्टी शिवसेना को जिस तरह पिछले चुनावों में एन डी ये की दूसरे नंबर की पार्टी बना दिया, उसी रस्ते पर चलते हुए वह अगले चुनावों में शिवसेना को इस लायक भी न छोड़े कि वह खुद को एन डी ये एवं महाराष्ट्र में किसी भी स्थान पर गिन सके |