मीडिया ट्रायल के नुकसान और गलत पहचान

कुछ दिनों पहले कठुआ में एक छोटी सी बच्ची के बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया | सोशल मीडिया पर इसका हंगामा मचना लाज़मी था भले ही ये घटना तीन महीने पुरानी थी | अभियुक्तों को सभी ने सजा देने की मांग की जो कि सही भी है | लेकिन शायद सभी को ये जानकारी नहीं थी कि इस केस में दो चार्ज शीट बनायीं गयीं थीं | अगर पहली सही है, तो सिर्फ एक पंद्रह साल का लड़का दोषी है, अगर दूसरी चार्ज शीट सही है तब इसमें पांच लोग शामिल हैं | उस गांव के लोग, जहाँ वो बच्ची रहती थी, CBI की जांच की मांग कर रहे हैं | उनका मानना है कि इस हत्या में कोई और ही शामिल है और जो अभियुक्त हैं वो बेक़सूर हैं |

खैर, ये तो कानूनी मामला है लेकिन मैंने आज तक किसी भी उस आदमी को CBI की जांच की मांग करते नहीं सुना जो कि इस बच्ची के लिए इन्साफ चाहते हैं | सोंच के देखें, क्या वो अपराध की जगह पर उपस्थित थे, उन्होंने अपराध होते देखा, जो उन्होंने बिना कुछ जाने सोचे अभियुक्तों को सजा ए मौत देने की मांग कर दी? न उन्होंने ये सोचा कि उस मंदिर में कोई तहखाना नहीं है, न ही ये सोचा कि दूसरी चार्ज शीट में जिस दवा (आस्पिटेरिल .०५ मिलीग्राम) को उस बच्ची को देने की बात की गयी है, वो भारत में उपलब्ध ही नहीं है, न ही ये सोचा कि जिस लड़के को अभियुक्त बताया जा रहा है वो उस समय मेरठ में परीक्षा दे रहा था, और न ही ये सोचा कि पोस्टमॉर्टेम की रिपोर्ट में बलात्कार होने की बात से इंकार है, ये निर्णय ले लिया कि ये लोग अभियुक्त नहीं दोषी हैं, और इनको सजा होनी चाहिए | और तो और सोशल मीडिया पर लोगों ने एक अभियुक्त के नाम पर एक लड़के की फोटो भी शेयर कर जो की उसी इलाक़े के एक लड़के की है जिसका इस केस से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है | राजनैतिक पार्टियां इसको राजनैतिक फायदे के लिए प्रयोग कर रही हैं इसमें कोई शक नहीं, लेकिन कम से कम हम जैसे एक सामान्य नागरिक को अभियुक्त के नाम पर एक गलत लड़के की फोटो नहीं शेयर करनी चाहिए | एजाज खान नाम के तथाकथित अभिनेता ने तो इस लड़के की हत्या करने वाले को पचास लाख रूपये इनाम देने की बात तक कर डाली है | ख़ास बात है ये लड़का इतना गरीब है कि शादियों में खाना पका कर अपना पेट पालता है | क्या हमें सोशल मीडिया पर इस प्रकार से किसी भी समाचार को प्रचारित एवं प्रसारित करने से पहले एक बार सोच नहीं लेना चाहिए ? इस लड़के को यदि किसी ने कुछ कर दिया तब क्या इस प्रकार से इसका फोटो शेयर करने वाले मोमबत्ती लेकर इंडिया गेट पर इसके हत्यारों के खिलाफ धरना देंगे या फिर किसी और कि फोटो शेयर करके इसके लिए इन्साफ मांगेंगे ?

इस लड़के की इस वीडियो को देखिये और यह भी सोचिये कि इन फ़र्ज़ी ख़बरों के शेयर किये जाने की वजह से किस तरह का अपमान इस निर्दोष लड़के को सहना पड़ा और यदि कोई व्यक्ति या भीड़ गुस्से में इस निर्दोष पर हमला कर देती तो क्या होता |