यह सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ काले धन पर ही नहीं बल्कि पाकिस्तान और आतंकवाद पर भी है

मोदी जी ने घोषणा की कि अब ५०० / १००० के पुराने नोट नहीं चलेंगे | इनके बदले ५०० और २००० के नये नोट लाये जायेंगे | आजाद भारत में काले धन को रोकने की दिशा में अब तक का उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है और इसके लिए मोदी सरकार की जितनी सराहना की जाये काम ही होगी |

इस निर्णय से काले धन रखने वालों को तो बड़ा झटका लगना ही है क्योंकि इस तरह का कैश ज्यादातर बड़े नोटों अर्थात ५०० / १००० के नोटों में ही होगा | अब इस अघोषित आय को बैंक से बदलवाना भी संभव नहीं है क्योंकि इतने ज्यादा धन को बिना सरकार की नजर में आये बदला भी नहीं जा सकता तो अब काले धन के मालिकों के पास एक ही ऑप्शन बचा है कि अपने काले धन को घोषित करें | इस काले धन के आने से आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ेगा |

ये सर्जीकल स्ट्राइक सिर्फ काला धन रखने वालों पर नहीं है बल्कि पाकिस्तान एवं आतंकवाद पर भी बड़ी चोट है क्योंकि इस से पाकिस्तान में चल रही नकली नोट बनाने की इंडस्ट्री, हवाला इंडस्ट्री, हवाला के जरिये भारत विरोधी ताकतों एवं आतंकवादियों / नक्सलवादियों को भारत में आने वाले फण्ड आदि सभी को झटका लगा है | जो पैसा पहले ही हवाला के जरिये इन भारत विरोधी ताकतों के पास भारत आ चुका है या फिर पाकिस्तान में छापा जा चुका है वो अब बेकार है क्योंकि ये लोग अब उसे बैंक जाकर बदल भी नहीं सकते और अभी फिलहाल कुछ समय के लिए और धन इन भारत विरोधी ताकतों के पास आ भी नहीं पायेगा | इस कमजोरी के हालात में भारत सरकार और सेना यदि कोई बड़ा ऑपरेशन शुरू करे तो ये भारत विरोधी ताकतें पस्त और नष्ट की जा सकती हैं |

इस निर्णय से सिर्फ भारत विरोधी ताकतों को ही नहीं बल्कि कई विपक्षी पार्टियों को भी झटका लगना है | जो काला धन अब तक फ़र्ज़ी चंदे के नाम पर जमा किया हुआ है और जो काला धन आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पहले ही उत्तर प्रदेश एवं पंजाब आदि में भेज दिया गया है या भेजा जाने वाला था वो अब किसी काम नहीं रहा क्योंकि वहां भी समस्या वही है कि इतने ज्यादा धन को बिना सरकार की नजर में आये कैसे बदला जा सकता है | अब इस वजह से अब इस निर्णय का ढके छुपे लहजे में या फिर बेशर्मी से खुले आम विरोध होगा ही तथा इसमें कमियां भी निकाली जाएंगी और जनता को गुमराह करने का प्रयास भी किया जायेगा | फिलहाल तो यही लगता है कि जो राजनैतिक दल जितना ज्यादा इस निर्णय का विरोध करे उस से यह अंदाज लगाया जा सकता है कि उसका कितना बड़ा नुकसान हुआ है |

खैर कोई कुछ भी कहे लेकिन एक बात साफ़ है कि इस निर्णय के साथ ही मोदी सरकार ने एक बार यह साबित किया है कि वो काला धन वापस लाने के लिए गंभीर है और इस के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रही है | इस निर्णय का आने वाले चुनावों में भी भाजपा को फायदा मिलना तय है क्योंकि आम भारतीय इस निर्णय से खुश ही होगा और आम वोटरों के बीच इस से मोदी जी एवं भाजपा की छवि और अच्छी होगी |