जाट आरक्षण आंदोलन और इस का समय

जिस समय पूरा देश देशभक्ति और देशद्रोह की बहस में व्यस्त है ऐसे में अचानक से हमारे जाट साथियों का आरक्षण को लेकर किया आंदोलन मेरे दिमाग में कई सवाल पैदा कर रहा है | हमारे जाट साथियों की देशभक्ति पर कोई बेवकूफ ही सवाल उठाएगा | सेना की जाट रेजिमेंट न भूलिए जनाब | लेकिन ऐसे देशभक्त लड़ाके आज अचानक से देशभक्ति और देशद्रोह की जंग में शामिल न होकर आरक्षण की जंग में कहाँ डूब गए ?

क्या ये आंदोलन सच में आरक्षण के लिए है या ये सब किसी सोची समझी राजनीति का हिस्सा है ? जब सारा देश जे एन यू में हुए देशद्रोही हंगामे से गुस्से में है और देश के सामने देशद्रोहियों के सारे हमदर्द बेनकाब हो रहे हैं, ऐसे समय में अचानक आरक्षण को लेकर एक आंदोलन, वो भी जाटों के द्वारा ? मेरी व्यक्तिगत राय में तो ये सब लोग किसी सोची समझी गहरी राजनीती के शिकार हैं | ऐसे समय में मैं नहीं मान सकता कि हमारे जाट साथी, जिन के नाम पर सेना में एक खास टुकड़ी है, वह ऐसा कुछ करेंगे | वो भी इतना उग्र आंदोलन जिस में हिंसा और आगजनी भी हो रही है, आम जनता परेशान हो रही है |

तो फिर क्या वजह है इस आंदोलन को इस खास समय पर शुरू करने की ? बजट सेशन शुरू होने वाला है | पिछले दो बार से संसद चली ही नहीं | जनता की गाड़ी कमाई से दिया हुआ टैक्स का पैसा हमारे नेता अपनी आपसी दुश्मनी निपटाने में खर्च करा रहे हैं | जिस संसद का प्रयोग जनता की भलाई के लिए होना चाहिए उस का प्रयोग आज सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी निपटाने और गन्दी राजनीति करने के लिए किया जा रहा है | पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी पहले ही कह चुके हैं कि जब तक मौजूदा सरकार गांधी परिवार पर हमला (या कहें भ्रष्टाचार के मामलों की जांच) न बंद करा दे तब तक जी एस टी बिल पास नहीं होगा | हद है | यदि आप ईमानदार हैं तो हर तरह की जांच के लिए तैयार रहिये | अगर आप तैयार नहीं भी हैं तो कम से कम जनता की भलाई के लिए ही संसद चलने दीजिये |

ठीक बजट सेशन के पहले हुआ ये जे एन यू हंगामा और अब जाट आरक्षण का मुद्दा मेरे दिमाग में शक ही पैदा कर रहा है | मुझे अब लगने लगा है कि इस बार भी संसद का वही हाल होने वाला है जो पिछले दो बार हुआ | यानि के जनता मेहनत से कमा कमा कर टैक्स जमा करे और हमारे नेता उसे संसद न चलने देकर फ़िज़ूल में खर्च करा दें |

यदि आप बहस या विरोध करना चाहते हैं तो संसद के अंदर कीजिये या इस देश की कानून व्यवस्था के हिसाब से अदालत का दरवाजा खटखटाइए | ऐसे संसद न चलने देकर और जनता की गाड़ी कमाई से जमा किये हुए टैक्स का पैसा बर्बाद करके आप क्या करना चाहते हैं ?

में अपने सभी जाट साथियों से हाथ जोड़कर विनती करता हूँ कि आप लोग नेताओं की राजनीति का शिकार मत हों | इस देश की सुरक्षा में आप के योगदान पर देश को आप सभी पर गर्व है | कुछ नेताओं की गन्दी राजनीति में फसकर ऐसा कुछ न करें जो आपकी छवि हमारे दिमाग में धूमिल करे |