गौरी की हत्या हिन्दू आतंकवाद तो फिर स्वयंसेवकों की हत्या इस्लामिक-ईसाई आतंकवाद क्यों नहीं ?

पत्रकार एवं एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या का मामला इस समय चर्चा में बना हुआ है | भाजपा विरोधी और हिंदुत्व विरोधियों ने एक मिनिट का समय भी बर्बाद किये बिना इस हत्या को हिन्दू / भगवा आतंकवाद बता दिया जबकि गौरी लंकेश के भाई एक न्यूज़ चैनल पर बता रहे थे कि गौरी लंकेश को नक्सलियों से धमकी मिल रहीं थी क्योंकि उन्होंने कुछ नक्सलियों को नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में आने के लिए मना लिया था | हिन्दू आतंकवाद का जाप करने वाले ये वही लोग हैं जो आज तक केरल और प. बंगाल में हिन्दू संगठनों से जुड़े लोगों की हत्या पर मौन हैं, जैसे वहां कुछ हुआ ही नहीं है | प. बंगाल एवं केरल में आर. एस. एस. एवं हिन्दू संगठनों कार्यकर्ताओं की जघन्य हत्या करने वालों एवं सेक्युलर जमात की गौरी लंकेश की हत्या करने वालों को कड़ी सजा होनी ही चाहिए | परन्तु गौरी लंकेश की हत्या का विरोध करने वालों ने कभी आर. एस. एस. कार्यकर्ताओं की हत्या का विरोध नहीं किया | इन्होंने गौरी लंकेश की हत्या को हिन्दू आतंकवाद कह दिया परन्तु आर. एस. एस. कार्यकर्ताओं की हत्या को और पाकिस्तानी आतंकवाद को कभी इस्लामिक आतंकवाद नहीं कहा | आखिर यह दोहरा मापदंड क्यों ?

हर बार हिन्दू ही आतंकवादी करार दिया जाता है और बाकी सभी मामलों को यह कह कर दबा दिया जाता है कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता | आखिर हिन्दू कब तक यह अपमान बर्दाश्त करें और क्यों करें ? या तो सच में सर्व धर्म सम भाव के आदर्श का पालन करें और किसी भी घटना को धर्म से ना जोड़ें या फिर हर एक घटना का धर्म होना चाहिए | सिर्फ अपने राजनैतिक लाभ को ध्यान में रखकर एक धर्म को गाली देना और दुसरे को बचाना सीधे तौर पर नीचता की निशानी तो है ही साथ ही संविधान की मूल धर्म निरपेक्ष भावना के खिलाफ भी है |

यही पक्षपात एक मुख्य कारण है कि आज कई हिन्दू वोट देते समय यही सोचते हैं कि फलां पार्टी सत्ता में आ गयी तो हिन्दु तो रोज सरे आम मरे काटे जायेंगे अतः बेहतर यही है कि किसी ऐसे व्यक्ति को वोट दो जो कि हिन्दुओं के प्रति भी न्याय की भावना रखे | मैं धर्म और जाति के नाम पर वोट देने का विरोधी हूँ परन्तु जिस तरह की सोच और कार्यशैली अब हिन्दू विरोधी तथाकथित सेक्युलर जमात की है उस को देखकर लगता है कि हिन्दुओं को अब वोट देते समय पहले बात यही सोचनी चाहिए कि किस उम्मीदवार को वोट देने से हिन्दू सुरक्षित रहेंगे | यदि हिन्दुओं ने धर्म के बारे में सोचना शुरू नहीं किया तो यह सेक्युलर जमात हिन्दुओं के सामने बस दो ही रास्ते छोड़ेगी, या तो वो धर्म परिवर्तन कर लें या फिर आत्महत्या |

अब फैसला हिन्दुओं को करना है कि वो सेक्युलर जमात द्वारा किये जा रहे इस हिन्दू विरोधी षड़यंत्र का शिकार बनते हैं या फिर एक होकर इस षड़यंत्र का विरोध करते हैं | याद रखिये, आपकी खामोशी ही एक दिन आपके विनाश का कारण बनेगी |