देशद्रोही और देशभक्त की बहस में भारतीय कहाँ हैं ?

आज कोई भी सोशल साइट देख लीजिये या फिर कहीं भी भीड़ में हो रहे वार्तालाप को सुन लें तो दो ही शब्द बार बार सुनाई देंगे, देशद्रोही और देशभक्त | कौन देशभक्त है और कौन देशद्रोही ? आज इस देश में हो रही राजनीति को देख कर हम ही नहीं सारा देश शर्मिंदा है | सेना के जवान आज न्यूज़ चैनल पर रो देते हैं, देशभक्ति की राह पर चलने वाला हर भारतीय दुखी है | ये सब हो क्या रहा है और क्यों हो रहा है ? आज भारत की आज़ादी की लड़ाई में शहीद हुआ हर एक क्रन्तिकारी स्वर्ग में दुखी हो रहा होगा ये सोचकर कि हम किन लोगों के लिए मर गए |

आजकल बस यही सोच रहा हूँ कि देशद्रोही और देशभक्त की इन सब बहस में भारतीय कहाँ हैं | मुझे तो बस किसी न किसी राजनैतिक पार्टी के सदस्य और समर्थक ही दिखाई दे रहे हैं | मेजर जनरल जी डी बख्शी जी को टाइम्स नाउ चैनल पर रोते देख मेरा दिल भर आया | हमारी सेना के जवानों को लगा कि आज वो अकेले पड़ गए हैं | देश की जनता इस देश से ज्यादा अपनी राजनीति में रूचि ले रही है | सेना के जवानों की ये सोच कुछ हद तक सही भी तो है |

सिर्फ राजनीति के लिए आज कई लोग देशद्रोहियों का समर्थन करने के लिए भी तैयार हैं | क्या मोदी विरोध के लिए देशद्रोह की राह पर चलना सही है ? आज कई लोग जो कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विरोधी है, जुट गए हैं जे एन यू में हुयी देशद्रोही नारेबाजी को देशद्रोह की जगह अभिव्यक्ति की आज़ादी साबित करने में | क्या इस देश की राजनीति आज इतने घटिया स्तर तक पहुँच गयी है कि सिर्फ एक व्यक्ति के विरोध के लिए कई नेता और उनके समर्थक देशद्रोहियों का भी साथ देने तैयार हैं ? पूरा देश इस वक़्त दो भागों में बंट गया है | एक वो जो इस घटना की निंदा कर रहे हैं और दूसरे वो जो इस मुद्दे से बस अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं |

इस राजनीति की लड़ाई और जनता की सोच के बीच भारतीय होने की भावना कहीं खो सी गयी है | चाहे आप किसी भी पार्टी या नेता के समर्थक हों, पहले आप भारतीय हैं | ये इतनी सी बात आखिर क्यों लोगों को समझ नहीं आ रही ? क्यों लोग खुद को कुछ नेताओं की राजनैतिक चाल का मुहरा बनाने पर अड़े हुए हैं ? क्यों हर एक भारतीय खुद को भारतीय कह कर ऐसी सभी देशविरोधी हरकतों का विरोध नहीं कर रहा ? क्यों हम आज “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम” के नारे लगाने वाले देश में “भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जंग रहेगी” के नारे लगाने वालों का खुल के विरोध नहीं कर रहे ? क्यों लोगों की राजनैतिक विचारधारा आज उन की भारतीयता पर हावी होती जा रही है ?

मैं अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहता लेकिन इतना तो कहूँगा कि आज कई नेता और कई मीडिआ के लोगों के बयान सुनकर बस यही कहने का मन करता है की ऐसे सभी लोगों को इस देश से या तो बाहर निकाल दो या फिर इन पर देशद्रोह की धाराओं के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाही करो |

राजनीति के चक्कर में फसे इस देश के लोग शायद आज भी शर्मिंदा नहीं हैं लेकिन मैं आज शर्मिंदा हूँ | में माफ़ी मांगता हूँ इस देश के सभी अमर शहीदों से और उन से वादा करता हूँ कि मेरी राजनैतिक पसंद चाहे कोई भी रहे लेकिन मैं इस देश को सब से आगे रखूँगा | जय हिन्द | भारत माता की जय | वन्दे मातरम |