भारत अमेरिका संबंधों का बड़ा धमाका

श्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब केंद्र में बैठी सोनिया मैडम एवं राहुल बाबा की रिमोट संचालित सरकार तथा उनकी मित्र पार्टियों ने उनकी छवि एक खूंखार घोर सांप्रदायिक और मानवता विरोधी व्यक्तित्व के रूप में बना रखी थी जिसको मीडिया ने चरम पर पहुँचाने का कार्य किया | अमेरिका सहित दुनियां की कई बड़ी शक्तियाँ मोदी जी से दूरी रखना पसंद करतीं थीं | परंतु प्रधानमंत्री बनने के बाद मात्र दो वर्षों में श्री मोदी जी दुनियां में सर्वाधिक लोकप्रिय, सर्वाधिक शक्तिशाली प्रधानमंत्री एवं ईमानदारी तथा विकास के प्रतीक के रूप में उभरे हैं | विश्व के किसी भी नेता ने इतने काम समय में ऐसी ऊंचाइयां प्राप्त नहीं की |

आतंरिक सुरक्षा, बाह्य सुरक्षा, विदेश नीति, उद्योग, विदेशी व्यापार, भारत में निवेश के प्रति दुनियां का आकर्षण एवं भरोसा इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सफलता सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित कर रही है | भारत एक शक्तिशाली सामर्थ्यवान देश के रूप में उभर रहा है | पूरे विश्व में रहने वाले अप्रवासी तथा स्थायी रूप से बसे भारतीय मूल के व्यक्तियों को जोड़ने का कार्य जो प्रधानमंत्री के रूप में मा. अटल जी ने प्रारम्भ किया था उसे श्री मोदी जी ने अपनी कार्यशैली से अपने चरम पर पहुंचा दिया |

अभी अगस्त २०१६ के अंतिम सप्ताह में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल भारत आया | भारतीय रक्षामंत्री  श्री मनोहर परिकर अमेरिका गए और दो महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं | भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा अमेरिकी विदेश मंत्री ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान का आतंकवाद के प्रति दोहरा रवैया है | पाकिस्तान की सरकार बलूचिस्तान, पी. ओ. के. में मानवाधिकारों का बराबर हनन कर रही है | पाकिस्तान में आतंकवाद व आतंकी संगठनों को संरक्षण व सहयोग दिया जा रहा है | जॉन केरी ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि पाकिस्तान को दूसरे देशों द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध लड़ी जाने वाली लड़ाई में उनका साथ देना होगा | साफ़ इशारा भारत तथा आई एस के सम्बन्ध में था | आतंकवाद के विषय में पहली बार पाकिस्तान को पूरी दुनियां में नीचे देखना पड़ रहा है | पहली बार पडोसी देशों विशेषकर भारत में होने वाले आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को दोषी माना जा रहा है | अफगानिस्तान की भारत द्वारा की जा रही सहायता का भी समर्थन किया गया | प्रधानमंत्री मोदी जी की विदेश नीति की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है | साथ ही इसे लागू करने वाली सुषमा स्वराज एक चतुर व सुयोग्य विदेशमंत्री हैं यह भी सिद्ध हो गया | मोदी जी एवं बराक ओबामा की मित्रता की भी इसमें अहम् भूमिका है |

हमारे रक्षा मंत्री मनोहर परिकर भी मोदी जी की तरह कर्मठ व ईमानदार हैं | तीस अगस्त २०१६ को पहली महत्वपूर्ण घटना दिल्ली में घटी तो दूसरी महत्वपूर्ण घटना अमेरिका के पेंटागन में घटी जहाँ भारत तथा अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के मध्य महत्वपूर्ण संधियां हुईं जिसके आधार पर भारत अमेरिका के एयरबेसों तथा अमेरिका भारत के एयरबेसों का उपयोग कर सकेंगे | रक्षा उपकरणों के निर्माण में तकनीकि व निर्माण में सहयोग होगा | इसका परिणाम दूरगामी और भारी प्रभावोत्पादक होगा | चीन की चौधराहट व विस्तारवादी नीति को बहुत बड़ा झटका इस संधि द्वारा लगेगा | चीन सागर, हिन्द महासागर तथा अरब सागर में चीन की विस्तारवादी नीति व कार्यक्रमों पर बड़ी चोट पहुँचाने वाली है | पाकिस्तान गिलगिट व बलूचिस्तान में चीनी सैनिक अड्डे बनवा रहा है जिसका वहां के लोग विरोध कर रहे हैं, चीन के इस काम पर भी रोक लगाने में सहायता मिलेगी | थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर आदि देशों को भी चीन से मुकाबला करने और उसके विस्तार को रोकने में सहायता मिल सकेगी | इस संधि से चीन और पाकिस्तान सकते में हैं |

बलूचिस्तान, पी. ओ. के. और अब सिंध में भी आज़ादी की मांग जोर पकड़ने लगी है | उन्हें मोदी जी इन एक बड़ा सहयोगी दिखने लगा है इसलिए उनकी बात उठाने के लिए एक ओर वो मोदी जी का शुक्रिया अदा कर रहे हैं और दूसरी ओर उनसे आज़ादी के लिए मदद की मांग कर रहे हैं | पाकिस्तान के कई टुकड़े होने के आसार साफ़ साफ़ दिखने लगे हैं | भारत में राष्ट्रवादियों की पूर्ण बहुमत की सरकार और उसके चट्टानी इरादों वाले नेता के दो साल के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि आज चीन और पाकिस्तान बैकफुट पर तो हैं ही साथ ही उनके सामने संकट की स्थिति है | पाकिस्तान ने अपना एक अच्छा और मजबूत मित्र खो दिया और भारत जैसे एक उदारवादी तथा शांतिप्रिय पडोसी देश को अपना शत्रु बना लिया |

मा. अटल जी ने जब पोखरण में परमाणु परिक्षण किये तो दुनियां के चौधरी सकते में आ गए | भारत को घुटने टेकने की स्थिति में लाने के उद्देश्य से आर्थिक प्रतिबन्ध लगा दिए थे जिन्हें अटल जी की नीति ने निष्फल कर दिया था | आज उसी एटमी एनर्जी ने मोदी जी भारत के सुरक्षा के लिए आश्वस्त किया हुआ है साथ ही निर्भीकता और अदम्य साहस प्रदान कर रखा है | और उस पर मोदी जी का विराट व्यक्तित्व, मजबूत इरादे और उन्हें पूरा करने की क्षमता ने मोदी जी के साथ साथ भारत को को भी दुनियां की बड़ी ताकतों के बीच खड़ा कर दिया है | यदि राज्य सभा में भी बहुमत होता तो कुछ और ही बात होती | हमारे देश का दुर्भाग्य है कि विपक्षी दल देश की सुरक्षा और विकास पर भी विरोध की राजनीति कर रहे हैं | जब बांग्लादेश का युद्ध हुआ और बांग्लादेश आज़ाद हुआ तब उस युद्ध में मा. अटल जी के नेतृत्व में मुख्या विपक्षी पार्टी भारतीय जन संघ ने अभूतपूर्व सहयोग किया था | पूरे देश में बांग्लादेश के समर्थन में तथा मान्यता देने के लिए आंदोलन किया था | तथा अटल जी ने कई देशों की यात्रा करके दुनियां में  इसके लिए वातावरण बनाया था | इसके विपरीत कारगिल युद्ध के समय विपक्ष सरकार का साथ देने की बजाय सरकार को घेरने में जुटा था | विमान अपहरण के समय स्वयं सम्पूर्ण विपक्ष ने तथा मीडिया ने आतंकवादियों को रिहा करके भारतीय नागरिकों को बचाने का दवाब बनाया था | बाद में आज तक आतंकियों को छोड़ने पर छींटा कशी की जाती है | कश्मीर के आज के हालातों के लिए सरकार की आलोचना की जाती है जबकि अलगाववादी तथा पाकिस्तानी झंडा फहराने वाले व पत्थरबाजों के खिलाफ नहीं बोला जा रहा है बल्कि यह सुझाव दिया जा रहा है कि सरकार झुके और उनसे बात करे | इन हालातों में भी मोदी जी की सरकार नित्य नए कीर्तिमान बनाती जा रही है | राहुल बाबा और उनके मित्रो को मान लेना चाहिए कि दिल्ली में छप्पन इंच के सीना वाली सरकार है और इस पर तंज़ करना बंद कर देना चाहिए |