भारतविरोधी घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड आसानी से दिलवा रहा है भारतीय नागरिकता

आधार कार्ड के बनने के तरीकों में जो कमियां और गड़बड़ियां रहीं हैं उसका परिणाम यह हुआ है कि कोई भी आसानी से यह कार्ड बनवा सकता है | देश कई सालों से बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों, पाकिस्तानी आतंकियों एवं जासूसों आदि से जूझ रहा है | ये लोग पहले तो देश में घुसपैठ करते हैं और फिर खोखला सेक्युलर राजनैतिक तंत्र वोटबैंक के लालच में एवं रिश्वतखोर सरकारी तंत्र पैसों के लालच में इनको आसानी से आधार कार्ड उपलब्ध करवा देते हैं | आधार कार्ड बनते ही यह लोग उसका दुरूपयोग करते हैं |

आधार कार्ड के बारे में शुरू से ही यह बात कही गयी कि यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है | यह बात आधार कार्ड पर लिखी हुई भी रहती है | लेकिन यदि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो फिर यह नागरिकता का प्रमाण देने वाले डॉक्यूमेंट बनवाने के लिए वैलिड आई डी और एड्रेस प्रूफ क्यों माना जाता है ? एक बार जिस व्यक्ति के हाथ में आधार कार्ड आ गया वो आसानी से इस देश का वोटर आई डी कार्ड और फिर पासपोर्ट बनवा कर इस देश का नागरिक बन सकता है | सभी सरकारी कामों में अब आधार कार्ड वैलिड प्रूफ माना जाता है | कान चाहे सीधा पकड़ो या घुमाकर बात एक ही है | आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है यह बात कहना मूर्खता और सफेद झूठ ही है |

एक बार आधार कार्ड बन जाए तो आसानी से बाकि डॉक्यूमेंट बनवाकर ये घुसपैठिये भारतीय बनकर खुले आम आजादी से घूम फिर सकते हैं और अपनी भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं | इसी सब का असर पश्चिम बंगाल एवं नॉर्थ ईस्ट के लगभग सभी प्रदेशों में काफी समय से देखने मिल रहा है जहाँ पहले तो इन घुसपैठियों ने आवश्यक डॉक्यूमेंट और अपनी बस्तियां बनायीं और फिर शुरू हुआ इनका भारत विरोधी कारनामा | एक के बाद एक कई जगहों पर इन्होंने भारतीयों को ही डरा धमका कर उनकी बस्तियाँ खाली करवायीं, गुंडागर्दी, दंगे आदि जैसे कई काम किये और लगातार कर रहे हैं | यदि इसी तरह आसानी से इनको भारतीय होने के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट मिलते रहे तो जल्दी ही ये अपनी संख्या कई गुना बड़ा लेंगे और दुसरे प्रदेशों में भी घुस जायेंगे | ऐसे लोगों की भारत में मौजूदगी एक तालिबानी युग की दस्तक है और इस दस्तक को इसी समय रोकने की आवश्यकता है |

मेरी व्यक्तिगत राय में तो अब तक जितने भी आधार कार्ड बने हैं उनको तत्काल रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि किसी को भी ठीक ठीक नहीं पता है कि कितने भारतविरोधी घुसपैठिये आधार कार्ड बनवा चुके हैं और अब न ही यह ठीक से पूरी तरह पता लगाया जा सकता है क्योंकि आधार कार्ड का उपयोग करके इन लोगों ने अन्य आवश्यक डॉक्यूमेंट भी अब तक बनवा ही लिए होंगे और ज्यादातर जगह जहाँ इन लोगों ने पूरी बस्तियां बना लीं हैं और वोट बैंक बन चुके हैं वहां अब इनकी कोई जांच भी नहीं होने वाली क्योंकि वहां इनको संरक्षण देने के लिए सेक्युलर ताकतें तुरंत जुट जाएँगी | ये घुसपैठिये भारत की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं | आधार कार्ड को नागरिकता प्रदान करने वाले सभी डॉक्यूमेंट के लिए वैलिड प्रूफ बनाकर इसे इस देश की सबसे बकवास और खर्चीली योजना बना दिया गया है और इसे अब तत्काल बंद करने की आवश्यकता है |